à¤à¤¾à¤°à¤¤ की तरफ से ओलंपिक मेडल विजेता
à¤à¤¾à¤°à¤¤ की तरफ से ओलंपिक मेडल विजेता

à¤à¤¾à¤°à¤¤ ने 1900 संसà¥à¤•रण के बाद से 24 ओलंपिक खेलों में 35 पदक अपने नाम किठहैं। यहां सà¤à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ ओलंपिक विजेताओं के बारे में जानें।
अपने डेबà¥à¤¯à¥‚ में पदक की दौड़ ने ओलंपिक में à¤à¤¾à¤°à¤¤ के अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ की। बता दें कि तब से à¤à¤¾à¤°à¤¤ ने 24 ओलंपिक खेलों में 35 पदक जीते हैं। जिसमें सà¥à¤µà¤°à¥à¤£, रजत और कांसà¥à¤¯ पदक शामिल हैं।
à¤à¤¾à¤°à¤¤ ने ओलंपिक में जितने à¤à¥€ पदक जीते हैं, उनकी पूरी जानकारी यहां दी जा रही है।
à¤à¤¾à¤°à¤¤ ने अपने पहले ओलंपिक की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ 1900 के पेरिस ओलंपिक में नॉरà¥à¤®à¤¨ पà¥à¤°à¤¿à¤šà¤°à¥à¤¡ (Norman Pritchard) के साथ की थी। आधà¥à¤¨à¤¿à¤• गà¥à¤°à¥€à¤·à¥à¤®à¤•ालीन ओलंपिक में पहले à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿ ने à¤à¤¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤¸ में पांच पà¥à¤°à¥à¤· सà¥à¤ªà¤°à¥à¤§à¤¾à¤“ं में à¤à¤¾à¤— लिया था, जिनमें 60 मीटर, 100 मीटर, 200 मीटर, 110 मीटर और 200 मीटर बाधा दौड़ शामिल है। यही नहीं उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने 200 मीटर सà¥à¤ªà¥à¤°à¤¿à¤‚ट और 200 मीटर बाधा दौड़ (हरà¥à¤¡à¤² रेस) में दो रजत पदक जीते थे। देश के आजाद होने से पहले नॉरà¥à¤®à¤¨ पà¥à¤°à¤¿à¤šà¤°à¥à¤¡ ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ के लिठपहला इंडिविजà¥à¤…ल मेडल जीता।
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ हॉकी पà¥à¤°à¥à¤· टीम, सà¥à¤µà¤°à¥à¤£ पदक - à¤à¤®à¥à¤¸à¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¡à¤® 1928
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¥à¤· हॉकी टीम ने दिगà¥à¤—ज हॉकी खिलाड़ी धà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¤šà¤‚द (Dhyan Chand) के नेतृतà¥à¤µ में 29 गोल किठऔर à¤à¤• à¤à¥€ गोल खाठबिना उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपना पहला ओलंपिक सà¥à¤µà¤°à¥à¤£ पदक जीता। उस दौरान धà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¤šà¤‚द ने फाइनल में नीदरलैंडà¥à¤¸ के खिलाफ हैटà¥à¤°à¤¿à¤• बनाते हà¥à¤ पूरे टूरà¥à¤¨à¤¾à¤®à¥‡à¤‚ट में कà¥à¤² 14 गोल किà¤à¥¤ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ हॉकी टीम का ओलंपिक में यह पहला मेडल था।
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ हॉकी पà¥à¤°à¥à¤· टीम, सà¥à¤µà¤°à¥à¤£ पदक - लॉस à¤à¤‚जिलà¥à¤¸ 1932
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ हॉकी टीम का दबदबा ओलंपिक गेमà¥à¤¸ में बना रहा। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ चंद जैसे खिलाड़ियों से सजी इस टीम ने फाइनल में जापान को à¤à¤•तरफा मà¥à¤•ाबले में 11-1 से हराकर बड़ी जीत हासिल की। इस मà¥à¤•ाबले में धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ चंद के अलावा रूप सिंह (Roop Singh) à¤à¥€ सà¥à¤Ÿà¤¾à¤° खिलाड़ी रहे।
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ हॉकी पà¥à¤°à¥à¤· टीम, सà¥à¤µà¤°à¥à¤£ पदक - बरà¥à¤²à¤¿à¤¨ 1936
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ हॉकी और गोलà¥à¤¡ मेडल की चमक के बीच मानो à¤à¤• अटूट रिशà¥à¤¤à¤¾ पनप रहा था। 1938 बरà¥à¤²à¤¿à¤¨ ओलंपिक में à¤à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤ ने शानदार पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ करते हà¥à¤ फाइनल मà¥à¤•ाबले को 8-1 से अपने नाम किया और à¤à¤• और गोलà¥à¤¡ मेडल पर à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ à¤à¤‚डे की मà¥à¤¹à¤° लगा दी।
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ हॉकी पà¥à¤°à¥à¤· टीम, सà¥à¤µà¤°à¥à¤£ पदक - लंदन 1948à¤à¤¾à¤°à¤¤ अब सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° हो चà¥à¤•ा था और इसी वजह से इस बार के ओलंपिक गेमà¥à¤¸ ख़ास होने वाले थे। बलबीर सिंह सीनियरओलंपिक डेबà¥à¤¯à¥‚ में à¤à¤¾à¤°à¤¤ के अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ दो मेडल के साथ हà¥à¤ˆà¥¤ तब से अब तक à¤à¤¾à¤°à¤¤ ने 24 ओलंपिक खेलों में 28 पदक जीते हैं।
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ हॉकी पà¥à¤°à¥à¤· टीम, सà¥à¤µà¤°à¥à¤£ पदक - हेलसिंकी 1952
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ हॉकी टीम के लिठओलंपिक गेमà¥à¤¸ में गोलà¥à¤¡ मेडल जीतना मानो à¤à¤• आदत सी बन गई थी। हेलसिंकी गेमà¥à¤¸ में कà¥à¤› à¤à¤¸à¤¾ ही देखने को मिला जब à¤à¤¾à¤°à¤¤ ने नीदरलैंड को फाइनल में 6-1 से हराया। बलबीर सिंह सीनियर ने 3 मैचों में 9 गोल किà¤à¥¤ फाइनल में à¤à¥€ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने 5 गोल किà¤, जो कि ओलंपिक फाइनल में किसी à¤à¤• खिलाड़ी दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किठजाने वाले सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गोल का रिकॉरà¥à¤¡ है।
केडी जाधव, कांसà¥à¤¯ पदक - मेंस बैंटमवेट- रेसलिंग, हेलसिंकी 1952
पहलवान खशाबा दादासाहेब (Khashaba Dadasaheb Jadhav) जाधव पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ की फà¥à¤°à¥€à¤¸à¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² बैंटमवेट शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ में कांसà¥à¤¯ पदक के साथ à¤à¤¾à¤°à¤¤ के पहले वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त ओलंपिक पदक विजेता बने। यह पहलवान के लिठउनकी मेहनत का ईनाम था। इस रेसलर को अपनी ओलंपिक यातà¥à¤°à¤¾ के लिठधन इकटà¥à¤ ा करने के लिठदर-दर à¤à¤Ÿà¤•ना पड़ा लेकिन अंत में ना केवल उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने ओलंपिक में हिसà¥à¤¸à¤¾ लिया बलà¥à¤•ि पदक à¤à¥€ जीता।
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ हॉकी पà¥à¤°à¥à¤· टीम, सà¥à¤µà¤°à¥à¤£ पदक - मेलबरà¥à¤¨ 1956
इस ओलंपिक का गोलà¥à¤¡ मेडल à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ हॉकी टीम के लिठगेमà¥à¤¸ का लगातार छठा गोलà¥à¤¡ साबित हà¥à¤†à¥¤ शानदार बात तो यह थी कि इस पूरी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤—िता में à¤à¤¾à¤°à¤¤ ने à¤à¤• à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¥à¤µà¤‚दी को à¤à¤• à¤à¥€ गोल मारने का मौका नहीं दिया। फाइनल मà¥à¤•ाबला à¤à¤¾à¤°à¤¤ और पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ के बीच रहा जहां à¤à¤¾à¤°à¤¤ ने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ 1-0 से पटकनी देकर ओलंपिक गेमà¥à¤¸ को अपने नाम किया। फाइनल में टीम के कपà¥à¤¤à¤¾à¤¨ बलबीर सिंह सीनियर हाथ में फà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤šà¤° होने के बाद à¤à¥€ खेले।
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ हॉकी पà¥à¤°à¥à¤· टीम, रजत पदक - रोम 195
à¤à¤¾à¤°à¤¤ का ओलंपिक में गोलà¥à¤¡à¤¨ पीरियड साल 1960 रोम में खतà¥à¤® हà¥à¤†à¥¤ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ टीम को फाइनल में पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ के खिलाफ 1-0 से हार à¤à¥‡à¤²à¤¨à¥€ पड़ी, जिसकी वजह से टीम को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ हॉकी पà¥à¤°à¥à¤· टीम, सà¥à¤µà¤°à¥à¤£ पदक - टोकà¥à¤¯à¥‹ 1964
1964 टोकà¥à¤¯à¥‹ ओलंपिक में फाइनल खेलने के लिठà¤à¤¾à¤°à¤¤ और पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ लगातार तीसरी बार मैदान में उतरे। पिछले दो फाइनल में दोनों ही मà¥à¤²à¥à¤•ों ने à¤à¤• à¤à¤• मà¥à¤•ाबला जीतकर गोलà¥à¤¡ मेडल हासिल किया था, लेकिन à¤à¤¾à¤°à¤¤ पिछली हार को à¤à¥‚ला नहीं था और इस बार उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बदला ले ही लिया। इस फाइनल में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ हॉकी टीम ने पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ को 1-0 से मात देकर गोलà¥à¤¡ मेडल पर दोबारा हक जमाया। इस ओलंपिक में à¤à¤¾à¤°à¤¤ ने गà¥à¤°à¥à¤ª सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ में 4 मà¥à¤•ाबलों में जीत हासिल की तो 2 मà¥à¤•ाबले डà¥à¤°à¥‰ हà¥à¤à¥¤ वहीं सेमीफाइनल में उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने ऑसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤²à¤¿à¤¯à¤¾ को शिकसà¥à¤¤ दी थी।
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ हॉकी पà¥à¤°à¥à¤· टीम, कांसà¥à¤¯ पदक - मैकà¥à¤¸à¤¿à¤•ो सिटी 1968
1968 मैकà¥à¤¸à¤¿à¤•ो ओलंपिक में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ हॉकी टीम का सफ़र उतार चढ़ाव à¤à¤°à¤¾ रहा। इस समय तक यूरोप का पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ हॉकी में लगातार निखर रहा था। à¤à¤¾à¤°à¤¤ ने मैकà¥à¤¸à¤¿à¤•ो, सà¥à¤ªà¥‡à¤¨ को हराकर जापान के खिलाफ वॉकओवर हासिल किया लेकिन सेमीफाइनल में ऑसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤²à¤¿à¤¯à¤¾ से 2-1 से हार गया। à¤à¤¾à¤°à¤¤ ने पशà¥à¤šà¤¿à¤® जरà¥à¤®à¤¨à¥€ को 2-1 से हराकर कांसà¥à¤¯ पदक जीता। इसी के साथ à¤à¤¾à¤°à¤¤ ओलंपिक में पहली बार टॉप 2 में सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ नहीं बना पाया।
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ हॉकी पà¥à¤°à¥à¤· टीम, कांसà¥à¤¯ पदक - मà¥à¤¯à¥‚निख 1972
1972 मà¥à¤¯à¥‚निख ओलंपिक में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ हॉकी टीम ने गà¥à¤°à¥à¤ª सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ पर बेहतरीन खेल दिखाया, लेकिन आगे के राउंड में वह लड़खड़ाते दिखे। इसà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤²à¥€ टीम पर हमले के कारण उनका सेमीफाइनल दो दिन आगे बढ़ा दिया गया और इससे टीम की लय पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हà¥à¤ˆ, जिस वजह से उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ के खिलाफ 2-0 से हार मिली। हालांकि जलà¥à¤¦à¥€ ही टीम ने वापसी की और नीदरलैंडà¥à¤¸ को हराते हà¥à¤ कांसà¥à¤¯ पदक अपने नाम किया।
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ हॉकी पà¥à¤°à¥à¤· टीम, सà¥à¤µà¤°à¥à¤£ पदक - मासà¥à¤•ो 1980
मॉनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤² 1976 में à¤à¤• निराशाजनक पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ के कारण à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ टीम 7वें सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर रही। लेकिन इसके बाद उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने मासà¥à¤•ो 1980 में फिर से वापसी की। शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ राउंड में à¤à¤¾à¤°à¤¤ ने तीन मैच जीते और दो मैच उनके डà¥à¤°à¥‰ रहे। फाइनल में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ टीम ने सà¥à¤ªà¥‡à¤¨ को 4-3 से हराकर गोलà¥à¤¡ मेडल अपने नाम किया। यह ओलंपिक में à¤à¤¾à¤°à¤¤ का आखिरी हॉकी सà¥à¤µà¤°à¥à¤£ है।
लिà¤à¤‚डर पेस, कांसà¥à¤¯ पदक - पà¥à¤°à¥à¤· à¤à¤•ल टेनिस, अटलांटा 1996
1996 à¤à¤Ÿà¤²à¤¾à¤‚टा ओलंपिक तक à¤à¤¾à¤°à¤¤ को मेडल जीते हà¥à¤ 4 सीज़न यानि 16 साल हो चà¥à¤•े थे। इस बीच à¤à¤• यà¥à¤µà¤¾ ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ की कमान संà¤à¤¾à¤²à¥€ और टेनिस में लिà¤à¤‚डर पेस (Leander Paes) ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ को बà¥à¤°à¥‰à¤¨à¥à¤œà¤¼ मेडल जितवाया। मेडल जीतने के साथ साथ पेस ने बहà¥à¤¤ सी वाह वाही à¤à¥€ बटोरीं। सेमीफाइनल में आंदà¥à¤°à¥‡ अगासी (Andre Agassi) से हारने के बाद पेस ने कांसà¥à¤¯ पदक के मैच में फरà¥à¤¨à¤¾à¤‚डो मेलिगानी (Fernando Meligani) को हराया।
करà¥à¤£à¤® मलà¥à¤²à¥‡à¤¶à¥à¤µà¤°à¥€, कांसà¥à¤¯ पदक - वूमेंस 54 किगà¥à¤°à¤¾ वेटलिफà¥à¤Ÿà¤¿à¤‚ग, सिडनी 2000
2000 सिडनी ओलंपिक में करà¥à¤£à¤® मलà¥à¤²à¥‡à¤¶à¥à¤µà¤°à¥€ (Karnam Malleswari) ने वेटलिफà¥à¤Ÿà¤¿à¤‚ग खेल के 54 किगà¥à¤°à¤¾ वरà¥à¤— में अपनी काबिलियत जमाते हà¥à¤ बà¥à¤°à¥‰à¤¨à¥à¤œà¤¼ मेडल जीता और ओलंपिक मेडल जीतने वाली पहली à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ महिला बनी। इस खिलाड़ी नो सà¥à¤¨à¥ˆà¤š वरà¥à¤— में 110 किगà¥à¤°à¤¾ और कà¥à¤²à¥€à¤¨ à¤à¤‚ड जरà¥à¤• में 130 किगà¥à¤°à¤¾ à¤à¤¾à¤° उठाया था, और कà¥à¤² 240 किगà¥à¤°à¤¾ उठाकर कांसà¥à¤¯ पदक अपने नाम किया।
राजà¥à¤¯à¤µà¤°à¥à¤§à¤¨ सिंह राठौर, रजत पदक - मेंस डबल टà¥à¤°à¥ˆà¤ª शूटिंग, à¤à¤¥à¥‡à¤‚स 2004
2004 à¤à¤¥à¥‡à¤‚स ओलंपिक में इस बार खेल बदल गया था। à¤à¤¾à¤°à¤¤ शूटिंग में अवà¥à¤µà¤² रहा और यह मेडल आया राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के राजà¥à¤¯à¤µà¤°à¥à¤§à¤¨ सिंह राठौड़ (Rajyavardhan Singh Rathore) की तरफ से। इतना ही नहीं सिलà¥à¤µà¤° मेडल जीतकर राठौर पहले à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ शूटर बने जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने ओलंपिक गेमà¥à¤¸ में पोडियम में जगह बनाई।
अà¤à¤¿à¤¨à¤µ बिंदà¥à¤°à¤¾, सà¥à¤µà¤°à¥à¤£ पदक - मेंस 10 मीटर à¤à¤¯à¤° राइफल शूटिंग, बीजिंग 2008
ओलंपिक में à¤à¤¾à¤°à¤¤ का सबसे यादगार पल बीजिंग 2008 में आया जब अà¤à¤¿à¤¨à¤µ बिंदà¥à¤°à¤¾ (Abhinav Bindra) ने मेंस 10 मीटर à¤à¤¯à¤° राइफल में à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• सà¥à¤µà¤°à¥à¤£ पदक जीता। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ निशानेबाज ने अपने अंतिम शॉट के साथ लगà¤à¤— 10.8 का सà¥à¤•ोर किया, जिससे à¤à¤¾à¤°à¤¤ का पहला वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त ओलंपिक सà¥à¤µà¤°à¥à¤£ पदक सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ हà¥à¤†à¥¤
विजेंदर सिंह, कांसà¥à¤¯ पदक - मेंस मिडिलवेट बॉकà¥à¤¸à¤¿à¤‚ग, बीजिंग 2008
2008 बीजिंग ओलंपिक: इस संसà¥à¤•रण में विजेंदर सिंह (Vijender Singh) बने पहले à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ बॉकà¥à¤¸à¤°, जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपनी सरज़मीं के लिठमेडल जीता था। हरियाणा के इस मà¥à¤•à¥à¤•ेबाज़ ने कारà¥à¤²à¥‹à¤¸ गौनà¥à¤—ोरा (Carlos Góngora) को 9-4 से हराकर कà¥à¤µà¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤° फाइनल में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ किया, इस जीत के साथ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¤• मेडल तो देश के लिठपà¥à¤–à¥à¤¤à¤¾ कर ही लिया था। हालांकि इमिलिओ कोरिया (Emilio Correa) के खिलाफ वह बà¥à¤°à¥‰à¤¨à¥à¤œà¤¼ मेडल मà¥à¤•ाबले में 5-8 से हार गठऔर गोलà¥à¤¡ जीतने का उनका सपना अधूरा रह गया सà¥à¤¶à¥€à¤² कà¥à¤®à¤¾à¤°, कांसà¥à¤¯ पदक - मेंस 66 किगà¥à¤°à¤¾ कà¥à¤¶à¥à¤¤à¥€, बीजिंग 2008
जाधव के बाद à¤à¤¾à¤°à¤¤ को रेसलिंग में मेडल जीतने में 56 साल लग गà¤à¥¤ इस सà¥à¤¶à¥€à¤² कà¥à¤®à¤¾à¤° (Sushil Kumar) ने 66 किगà¥à¤°à¤¾ वरà¥à¤— में पदक जीतते हà¥à¤ खतà¥à¤® किया। तकरीबन 70 मिनट के मà¥à¤•ाबले में सà¥à¤¶à¥€à¤² ने जीत हासिल की और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बà¥à¤°à¥‰à¤¨à¥à¤œà¤¼ मेडल से नवाज़ा गया। अपने शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ मà¥à¤•ाबले में हारने के बाद, सà¥à¤¶à¥€à¤² कà¥à¤®à¤¾à¤° ने रेपेचेज राउंड में कांसà¥à¤¯ पदक जीता।
गगन नारंग, कांसà¥à¤¯ पदक - मेंस 10 मीटर à¤à¤¯à¤° राइफल शूटिंग, लंदन 2012
काउंटबैक के कारण पिछले ओलंपिक में अंतिम दौर से बाहर होने के बाद गगन नारंग (Gagan Narang) ने लंदन 2012 में मेंस 10 मीटर à¤à¤¯à¤° राइफल में कांसà¥à¤¯ पदक जीता। गगन नारंग ने दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤° की नजरों के सामने चीन के वांग ताओ (Wang Tao) और इटली के निकोलो कैंपà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨à¥€ (Nicolo Campriani) के साथ मà¥à¤¶à¥à¤•िल फाइनल खेला और तीसरे सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर रहे।
सà¥à¤¶à¥€à¤² कà¥à¤®à¤¾à¤°, रजत पदक - मेंस 66 किगà¥à¤°à¤¾ रेसलिंग, लंदन 2012
उदà¥à¤˜à¤¾à¤Ÿà¤¨ समारोह के लिठà¤à¤¾à¤°à¤¤ के धà¥à¤µà¤œà¤µà¤¾à¤¹à¤• सà¥à¤¶à¥€à¤² कà¥à¤®à¤¾à¤° 2012 में à¤à¤¾à¤°à¤¤ की सबसे बड़ी पदक आशा थे। अंत में थकावट के कारण उनका शरीर जवाब दे चà¥à¤•ा था और वह काफी दरà¥à¤¦ में à¤à¥€ थे, लेकिन फाइनल से पहले वह इससे उबर गà¤à¥¤ सà¥à¤¶à¥€à¤² कà¥à¤®à¤¾à¤° फाइनल में ततà¥à¤¸à¥à¤¹à¤¿à¤°à¥‹ योनेमितà¥à¤¸à¥ (Tatsuhiro Yonemitsu) से हार गठऔर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ रजत से संतोष करना पड़ा। वह à¤à¤¾à¤°à¤¤ के à¤à¤•मातà¥à¤° à¤à¤¥à¤²à¥€à¤Ÿ है, जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त सà¥à¤ªà¤°à¥à¤§à¤¾ में दो बार के ओलंपिक पदक जीते।
विजय कà¥à¤®à¤¾à¤°, रजत पदक - मेंस 25 मीटर रैपिड पिसà¥à¤Ÿà¤² शूटिंग, लंदन 2012
इस ओलंपिक से पहले इस शूटर को कम ही लोग जानते थे। निशानेबाज विजय कà¥à¤®à¤¾à¤° (Vijay Kumar) ने 25 मीटर रैपिड पिसà¥à¤Ÿà¤² में रजत पदक के साथ रिकॉरà¥à¤¡ बà¥à¤• में अपना नाम दरà¥à¤œ करवा लिया। छठे दौर में टाई होने के साथ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने चीन के डिंग फेंग (Ding Feng) के साथ मà¥à¤•ाबला किया लेकिन अंत में विजय कà¥à¤®à¤¾à¤° ने फेंग को हराकर अंतिम दौर में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ किया। हालांकि, कà¥à¤¯à¥‚बा के लेउरिस पà¥à¤ªà¥‹ (Leuris Pupo) फाइनल में उनसे बेहतर साबित हà¥à¤ और विजय रजत पदक ही जीत पाà¤à¥¤
मैरी कॉम, कांसà¥à¤¯ पदक - वूमेंस फà¥à¤²à¤¾à¤ˆà¤µà¥‡à¤Ÿ बॉकà¥à¤¸à¤¿à¤‚ग, लंदन 2012
लंदन 2012 ओलंपिक से पहले ही मैरीकॉम (Mary Kom) की गिनती महान खिलाड़ियों में होती थी और इस ओलंपिक में मैरी कॉम ने महिला फà¥à¤²à¤¾à¤ˆà¤µà¥‡à¤Ÿ वरà¥à¤— में कांसà¥à¤¯ पदक जीतकर अपना नाम इतिहास में दरà¥à¤œ करवा लिया। मणिपà¥à¤° में जनà¥à¤®à¥€ यह मà¥à¤•à¥à¤•ेबाज पूरे टूरà¥à¤¨à¤¾à¤®à¥‡à¤‚ट में अचà¥à¤›à¥€ लय में थी लेकिन सेमीफाइनल में गà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥‡à¤¨ की उस समय की चैंपियन निकोला à¤à¤¡à¤®à¥à¤¸ (Nicola Adams) ने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हरा दिया।
योगेशà¥à¤µà¤° दतà¥à¤¤, कांसà¥à¤¯ पदक - मेंस 60 किगà¥à¤°à¤¾ कà¥à¤¶à¥à¤¤à¥€, लंदन 2012
लंदन 2012 में तीन ओलंपिक में हिसà¥à¤¸à¤¾ ले चà¥à¤•े अनà¥à¤à¤µà¥€ पहलवान योगेशà¥à¤µà¤° दतà¥à¤¤ (Yogeshwar Dutt) ने आखिरकार अपने बचपन के सपने को पूरा किया और 60 किगà¥à¤°à¤¾ वरà¥à¤— में कांसà¥à¤¯ पदक जीता। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अंतिम रेपेचेज राउंड में उतà¥à¤¤à¤° कोरिया के री जोंग मà¥à¤¯à¥‹à¤‚ग (Ri Jong Myong) को सिरà¥à¤« 1:02 मिनट में हराया।
साइना नेहवाल, कांसà¥à¤¯ पदक - वूमेंस सिंगलà¥à¤¸ बैडमिंटन, लंदन 2012
à¤à¤¾à¤°à¤¤ के लिठबैडमिंटन के खेल में बदलाव तब आया जब साइना नेहवाल (Saina Nehwal) ने ओलंपिक गेमà¥à¤¸ में मेडल जीता। नेहवाल महिलाओं में ही नहीं बलà¥à¤•ि à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ बैडमिंटन के इतिहास में मेडल जीतने वाले पहली खिलाड़ी बनी। चीन की वांग à¤à¤¿à¤¨ के खिलाफ मà¥à¤•ाबले में नेहवाल के हाथ बà¥à¤°à¥‰à¤¨à¥à¤œà¤¼ मेडल आया था।
पीवी सिंधà¥, रजत पदक - वूमेंस सिंगलà¥à¤¸ बैडमिंटन, रियो 2016
नेहवाल के बà¥à¤°à¥‰à¤¨à¥à¤œà¤¼ के बाद à¤à¤¾à¤°à¤¤ की पीवी सिंधॠ(PV Sindhu) ने सिलà¥à¤µà¤° जीता । जी हां, à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ शटलर पीवी सिंधॠने रियो ओलंपिक में बेहतरीन पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ की बदौलत सिलà¥à¤µà¤° मेडल à¤à¤¾à¤°à¤¤ को तोहफे में दिया। यकीन मानिठसिंधॠऔर सà¥à¤ªà¥‡à¤¨ की कैरोलिना मारिन (Carolina Marin) के बीच 83 मिनट का महामà¥à¤•ाबला हà¥à¤† और मारिन ने इस जीत के साथ अपने देश को गोलà¥à¤¡ मेडल से नवाज़ा। हालांकि सिंधॠगोलà¥à¤¡ तो न जीत पाईं लेकिन उनका नाम à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ बैडमिंटन इतिहास के सà¥à¤¨à¤¹à¤°à¥‡ अकà¥à¤·à¤°à¥‹à¤‚ में लिख दिया गया।
साकà¥à¤·à¥€ मलिक, कांसà¥à¤¯ पदक - वूमेंल 58 किगà¥à¤°à¤¾ रेसलिंग, रियो 2016
à¤à¤¾à¤°à¤¤ के ओलंपिक दल में देर से पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करने वाली साकà¥à¤·à¥€ मलिक (Sakshi Malik) ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली महिला à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ पहलवान बनीं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने 58 किगà¥à¤°à¤¾ कांसà¥à¤¯ पदक जीतने के लिठकिरà¥à¤—िसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ की à¤à¤¸à¥à¤²à¥ टाइनीबेकोवा (Aisuluu Tynybekova) को 8-5 से हराया। इसी के साथ à¤à¤¾à¤°à¤¤ ने लगातार तीन खेलों में ओलंपिक कà¥à¤¶à¥à¤¤à¥€ पदक जीता है।
मीराबाई चानू, रजत पदक - वूमेंस 49 किगà¥à¤°à¤¾ वेटलिफà¥à¤Ÿà¤¿à¤‚ग, टोकà¥à¤¯à¥‹ 2020
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ वेटलिफà¥à¤Ÿà¤° मीराबाई चानू ने रियो 2016 की निराशाजनक पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ को पीछे छोड़ते हà¥à¤ महिलाओं के 49 किगà¥à¤°à¤¾ वरà¥à¤— में रजत पदक हासिल किया। इसके साथ ही उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने इस दौरान कà¥à¤² 202 किगà¥à¤°à¤¾ à¤à¤¾à¤° उठाया। यह उनका पहला ओलंपिक पदक है और उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने करà¥à¤£à¤® मलà¥à¤²à¥‡à¤¶à¥à¤µà¤°à¥€ के बाद ओलंपिक पदक जीतने वाली दूसरी à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ वेटलिफà¥à¤Ÿà¤° बन गईं हैं। आपको बता दें कि यह टोकà¥à¤¯à¥‹ ओलंपिक में à¤à¤¾à¤°à¤¤ का पहला पदक है।
लवलीना बोरगोहेन, कांसà¥à¤¯ पदक - वूमेंस वेलà¥à¤Ÿà¤°à¤µà¥‡à¤Ÿ (64-69 किगà¥à¤°à¤¾), टोकà¥à¤¯à¥‹ 2020
अपने ओलंपिक डेबà¥à¤¯à¥‚ में लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 69 किगà¥à¤°à¤¾ में तà¥à¤°à¥à¤•ी की शीरà¥à¤· वरीयता पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ बà¥à¤¸à¥‡à¤¨à¤¾à¤œà¤¼ सà¥à¤°à¤®à¥‡à¤¨à¥‡à¤²à¥€ से सेमीफाइनल में हारने के बाद टोकà¥à¤¯à¥‹ 2020 में कांसà¥à¤¯ पदक जीता।
लवलीना बोरगोहेन ने कà¥à¤µà¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤° फाइनल में चीनी ताइपे की निà¤à¤¨-चिन चेन को हराकर पदक पकà¥à¤•ा किया था।
पीवी सिंधà¥, कांसà¥à¤¯ पदक - वूमेंस सिंगलà¥à¤¸ बैडमिंटन, टोकà¥à¤¯à¥‹ 2020
बैडमिंटन कà¥à¤µà¥€à¤¨ के नाम से मशहूर पीवी सिंधॠने सà¥à¤¶à¥€à¤² कà¥à¤®à¤¾à¤° के बाद दो वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ महिला और दूसरी à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ à¤à¤¥à¤²à¥€à¤Ÿ बन गई हैं।
जहां पीवी सिंधॠने महिला सिगलà¥à¤¸ मà¥à¤•ाबले में चीन की ही बिंगजियाओ को 21-13, 21-15 से हराकर कांसà¥à¤¯ पदक अपने नाम किया। बता दें कि इसी के साथ टोकà¥à¤¯à¥‹ 2020 में à¤à¤¾à¤°à¤¤ का यह तीसरा पदक हो गया है। जो रियो 2016 से à¤à¤• पदक अधिक है।।
रवि कà¥à¤®à¤¾à¤° दहिया – टोकà¥à¤¯à¥‹ 2020 मेंस फà¥à¤°à¥€à¤¸à¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² 57 किगà¥à¤°à¤¾
रवि कà¥à¤®à¤¾à¤° दहिया (Ravi Kumar Dahiya) ने अपने पहले ही ओलंपिक में सिलà¥à¤µà¤° मेडल जीतकर à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ फैंस को खà¥à¤¶ कर दिया।
23 साल के रवि कà¥à¤®à¤¾à¤° दहिया टोकà¥à¤¯à¥‹ 2020 में पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ की 57 किगà¥à¤°à¤¾ कà¥à¤¶à¥à¤¤à¥€ के फाइनल में दो बार के विशà¥à¤µ चैंपियन आरओसी के जावà¥à¤° उगà¥à¤à¤µ (Zavur Uguev) से हार गà¤, और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ गोलà¥à¤¡ की जगह सिलà¥à¤µà¤° मेडल से संतोष करना पड़ा। इससे पहले रवि ने वरà¥à¤²à¥à¤¡ चैंपियनशिप के पूरà¥à¤µ सिलà¥à¤µà¤° मेडलिसà¥à¤Ÿ कजाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ के नà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥à¤²à¤¾à¤® सानायेव को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी, और à¤à¤¾à¤°à¤¤ के लिठमेडल पकà¥à¤•ा कर दिया था।
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¥à¤· हॉकी टीम - कांसà¥à¤¯ पदक - टोकà¥à¤¯à¥‹ 2020
41 साल के इंतजार के बाद, à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¥à¤· हॉकी टीम ने आखिरकार à¤à¤• और ओलंपिक पदक हासिल कर लिया है। बता दें कि टीम को आखिरी पदक 1980 मासà¥à¤•ो ओलंपिक में मिला था।
à¤à¤• समय 3-1 से पिछड़ने के बाद à¤à¤¾à¤°à¤¤ ने जबरदसà¥à¤¤ वापसी करते हà¥à¤ जरà¥à¤®à¤¨à¥€ को 5-4 से हराकर कांसà¥à¤¯ पदक अपने नाम कर लिया।
यह उनका तीसरा ओलंपिक कांसà¥à¤¯ पदक है - 1968 और 1972 के खेलों के बाद - और कà¥à¤² मिलाकर यह उनका 13 वां ओलंपिक पदक। यह टोकà¥à¤¯à¥‹ 2020 में à¤à¤¾à¤°à¤¤ का पांचवां पदक था।
बजरंग पà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾, बà¥à¤°à¥‰à¤¨à¥à¤œà¤¼ मेडल - मेंस 65 किगà¥à¤°à¤¾ रेसलिंग, टोकà¥à¤¯à¥‹ 2020
पहलवान बजरंग पà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ टोकà¥à¤¯à¥‹ 2020 में शानदार पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ करते हà¥à¤ रेसलिंग में पदक अपने नाम किया। जहां बजरंग पà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ ने पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ के 65 किगà¥à¤°à¤¾ फà¥à¤°à¥€à¤¸à¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² कà¥à¤¶à¥à¤¤à¥€ के पà¥à¤²à¥‡à¤‘फ मà¥à¤•ाबले में कजाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ के दौलेट नियाज़बेकोव को हराकर कांसà¥à¤¯ पदक अपने नाम किया। बता दें कि यह टोकà¥à¤¯à¥‹ ओलंपिक में à¤à¤¾à¤°à¤¤ का छठा पदक था।
नीरज चोपड़ा, गोलà¥à¤¡ मेडल, मेंस जेवलिन थà¥à¤°à¥‹ - टोकà¥à¤¯à¥‹ 2020
à¤à¤¾à¤°à¤¤ के नीरज चोपड़ा अà¤à¤¿à¤¨à¤µ बिंदà¥à¤°à¤¾ के बाद दूसरे इंडिविज़à¥à¤…ल à¤à¤¥à¤²à¥€à¤Ÿ बन गठहैं, जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने ओलंपिक चैंपियन का खिताब अपने नाम किया है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ की à¤à¤¾à¤²à¤¾ फेंक में सà¥à¤µà¤°à¥à¤£ पदक जीता। जहां उनका 87.58 मीटर का दूसरा पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ टोकà¥à¤¯à¥‹ ओलंपिक में à¤à¤¾à¤°à¤¤ का 7वां पदक हासिल करने के लिठकाफी था।