शूरवीर समà¥à¤®à¤¾à¤¨
शूरवीर समà¥à¤®à¤¾à¤¨
बहादà¥à¤°à¥€ और शौरà¥à¤¯ की पà¥à¤°à¤¶à¤‚सा की कला नवीन नहीं है। ये राषà¥â€à¤Ÿà¥à¤° के सà¥â€à¤¥à¤¾à¤¯à¤¿à¤¤à¥â€à¤µ का à¤à¤• महतà¥â€à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ घटक बनाते हैं। इतिहास में शौरà¥à¤¯à¤¤à¤¾ को आदर और पà¥à¤°à¤¶à¤‚सा के रूप में परिà¤à¤¾à¤·à¤¿à¤¤ किया गया है। हमारी लोक कथाओं में à¤à¥€ बहादà¥à¤°à¥€ को मानà¥â€à¤¯à¤¤à¤¾ देने की संकलà¥â€à¤ªà¤¨à¤¾ सà¥â€à¤ªà¤·à¥â€à¤Ÿ रूप से देखी जा सकती है। यà¥à¤¦à¥à¤§ के मैदान में वीरगति को गौरवशाली माना गया था। बहादà¥à¤°à¥€ को मानà¥â€à¤¯à¤¤à¤¾ देना à¤à¤• अतà¥â€à¤¯à¤¨à¥â€à¤¤ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ित कारà¥à¤¯ रहा है। सà¥â€à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° à¤à¤¾à¤°à¤¤ में परमवीर चकà¥à¤°, महावी चकà¥à¤°, अशोक चकà¥à¤°, शौरà¥à¤¯ चकà¥à¤° आदि समà¥â€à¤®à¤¾à¤¨ आरंठकिठगà¤à¥¤
अशोक चकà¥à¤°
अशोक चकà¥à¤° की शà¥à¤°à¥ƒà¤‚खला नागरिकों के लिठà¤à¥€ खà¥à¤²à¥€ है। राजà¥â€à¤¯ सरकारों/संघ राजà¥â€à¤¯ पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨à¥‹à¤‚ और केनà¥â€à¤¦à¥à¤°à¥€à¤¯ सरकार के मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯à¥‹à¤‚/विà¤à¤¾à¤—ों से पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ नागरिकों के संदरà¥à¤ में सिफारिशों पर रकà¥à¤·à¤¾ मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ केनà¥â€à¤¦à¥à¤°à¥€à¤¯ समà¥â€à¤®à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ पर विचार किया जाता है और रकà¥à¤·à¤¾ मंतà¥à¤°à¥€ की अधà¥â€à¤¯à¤•à¥à¤·à¤¤à¤¾ में गठित पà¥à¤°à¤¸à¥â€à¤•ार दो वरà¥à¤· में à¤à¤• बार दिठजाते हैं और इनकी घोषणा गणतंतà¥à¤° दिवस और सà¥â€à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ दिवस पर की जाती है।
शौरà¥à¤¯ चकà¥à¤°
यह शौरà¥à¤¯à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤¸à¥â€à¤•ार दà¥à¤¶à¥â€à¤®à¤¨ का सामना करने से अलग परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में दिया जाता है। यह पà¥à¤°à¤¸à¥â€à¤•ार नागरिकों अथवा सेना करà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को दिया जा सकता है तथा यह मृतà¥â€à¤¯à¥ उपरानà¥â€à¤¤ à¤à¥€