कोमलांगी
सम्मिलित
उत्कर्षता
अनुगृहीत
मोहन गेहू पिसवाने चक्की पर गया है।
निर्दयी व्यक्ति से मित्रता नहीं करनी चाहिए।
उसके घर के पास एक मिठाई की दुकान है।
उपर्युक्त सभी कथन असत्य है।
तीन
चार
पांच
दो
पुरुष + आरोहण = पुरुषारोहण
तत्र + अयं = तत्रायं
अहम् + आगच्छामि = अहं आगच्छामि
त्रिदिवं + अनुभवति = त्रिदिवानुभवति
अच्छे अक्षरीय पठन की प्राप्ति
शब्दों का विभाजन
अर्थबोध की बढ़ोतरी
भाषा के लिए उचितता